मेरा उत्तराखंड सिविल
सर्विसेज 2010 का साक्षात्कार 02 जुलाई 2014 को
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में श्री सुमेरचंद रवि जी के बोर्ड में दोपहर के 3 बजे
शुरू हुआ. लगभग 52 मिनट चला. इस बोर्ड में दो बोर्ड merge किये गए थे डॉ.छाया शुक्लाजी
का तथा सुमेरचंद रविजी का.मैंने सुविधा के लिए डॉ.छाया शुक्लाजी को CH1 तथा श्री सुमेरचंद
रवि जी को CH2 नाम दिया है. बाकी के सदस्यों को M1,M2,M3,M4 नाम दिया है.यह इन्टरव्यू
आप लोगों के साथ साझा करने का मकसद मात्र इतना है की आप मेरे अनुभव से कुछ लाभ उठा
सकें.अब तक दिए सारे इंटरव्यू में मैंने यह पाया की इंटरव्यूअर आपकी सकारात्मकता
तथा आत्मविश्वास को परखते हैं. यह भी परखते हैं कि आप में धैर्य के साथ सुनने और समझने
की कितनी कला है.)मैंने दरवाजे पर हल की सी
दस्तक देते हुए अन्दर आने के लिए पूछा –“सर क्या मैं अन्दर आ सकती हूँ ?”मेरी नजर सामने
बैठे दोनों अध्यक्षों पर पड़ी,मैंने नजर पड़ते ही सर झुककर नमस्कार किया.इसके पश्चात
सभी सदस्यों की ओर देखते हुए अभिवादन किया.
CH1: “प्लीज आइए...”
Me: धन्यवाद मैडम!
CH1: अपना रोल न. बताइए ....
Me: मैडम XXXXX(शब्दोंमें बताया
)(अध्यक्षा महोदया प्रभावित
हुई और उन्होंने मुझे मुस्कुराते हुए बैठने को कहा . पूछा आप comfortable हैं?
मैंने कहा जी मैडम.... धन्यवाद! फिर उन्होंने मुझसे आगे पूछना जारी रखा..)
CH1: अपनी education के
बारे मे बताइए?
me: मैडम मैंने स्नातक डी.एस
.बी. परिसर,कुमाऊँ विवि से ....(बीच में टोकते हुए बोलीं;
ऐसे नहीं year बताईये) मैंने बताना शुरू किया .....
Ch1: आपने NET और U-SET किया है, फिर टीचिंग क्यों नहीं की?
Me: मैडम, मेरी पहली
प्राथमिकता सिविल सर्विसेज है .
Ch1: आपको क्यों लगता है की
आपको यही करना है ?
ME: मैडम, मुझे जरूरत मंद
लोगों की सहायता करना अच्छा लगता है....
Ch1: उसके लिए और भी तो क्षेत्र
हैं ?
Me: मैडम, सिविल सेवा के
माध्यम से हम अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकते हैं, इसके द्वारा तृणमूल स्तर पर लोगों
की सहायता करने का अवसर मिलता है.(उन्होंने अपने बायीं ओर बैठे सदस्य
की ओर इशारा किया .... मैंने भी उनकी तरफ देखा )
M1: आपने geography पढ़ा है ...
हमें उत्तराखंड की geography बताइए?
me: सर, उत्तराखंड का लगभग
80% भाग पर्वतीय है और 20% भाग मैदानी तथा भाबर है ....
M1: हम geography में
layman हैं आप हमे इसके division बताइए?
Me: सर, यदि दक्षिण से शुरू
करें तो, तराई वाला भाग उत्तराखंड के
उधमसिंग नगर तथा नैनीताल जिले के कुछ भाग में पड़ता है, इसके पश्चात भाबर वाला
हिस्सा आता है जो की नैनीताल,पौढ़ी चंपावत,पिथौरागढ़, हरिद्वार के कुछ हिस्सों में
फैला है. सर, इसके पश्चात उत्तर की ओर बढ़े तो भाबर के उत्तर में विश्व की सबसे
नविन पर्वत श्रृंखला शिवालिक आतीं है.... इसका विस्तार पिथौरागढ़,चंपावत,नैनीताल,पौढ़ी
गढ़वाल,हरिद्वार,देहरादून आदि जिलों में है. सर, शिवालिक से लगी हुई उत्तर की ओर
लघु हिमालय श्रेणी है जिसके प्रसिद्ध स्थल नैनीताल,मसूरी,अल्मोड़ा,रानीखेत वगैरह
हैं .... सर सबसे उत्तर में महान हिमालय है जिसकी चोटियां बर्फ से ढकी रहती हैं
सर, पिथौरागढ़,चमोली,बागेश्वर,टिहरी,उत्तरकाशी आदि जिले महान हिमालय का भाग हैं .
M1: और ट्रांस हिमालय?
Me : सर, ट्रांस हिमालय उत्तराखंड
में नहीं है.
M1: आपने geography में
human geography भी पढ़ा ही होगा ?
उत्तराखंड में कौन सी मानव जातियां रहती हैं?
me:
(थोड़ा सोचकर ....) सर, उत्तराखंड की मुख्य आदिम जातियां कोल और किरात मानी जाती
हैं,जो कि मुंडा जनजाति के समकक्ष हैं. इसके अतिरिक्त खस जाति...
M1
: races?
Me:
(मुझे पता होते हुए भी समझ में नहीं आया कि वह क्या जानना चाह रहे हैं और मुझे
क्या बोलना चाहिये...) सर, मुझे सही पता नहीं है क्या मैं अनुमान के आधार पर बता
सकती हूँ ?
M1
: बताइए..
ME:
सर, मुझे सही सही याद नहीं आ रहा है क्या मैं अनुमान के आधार पर बता सकती हूँ ? (उन्होंने जवाब दिया बताइए) धन्यवाद सर, उत्तराखंड
की मुख्य race खस, कोल और किरात हैं जो कि..........
M1
: (बीच में ही रोककर ....M2 की ओर इशारा करते हुए, जो कि M1 के बायीं ओर तथा मेरे दाई
ओर बैठे थे ) (अब मुझे याद आया...अरे! races i.e. मंगोलाई,ऑस्ट्रेलियाड .....😢😠
मैंने खुद को सम्हाला
और शांत M2 का प्रश्न सुनने लगी.)
M2
: अपने so n so year में ग्रेजुएशन किया और xx में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. उसके बाद
प्रोफशनल डिग्री ली...लेकिन नौकरी नहीं की .....इतना समय किसी चीज को देना कैसा
लगता है ?कभी
छोड़ने का मन नहीं किया ?
Me:
सर, मुझे यकिन है कि एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी.. यही मेरा उद्देश्य है सर .
M2:
मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं, आपको अवश्य सफलता मिले .Me:
धन्यवाद सर!
M2
: आपने देखा होगा जब किसी बच्चे को सफलता मिलती है तो वह अपनी सफलता का श्रेय अपने
माता-पिता को देता है, और देना भी चाहिए. जैसा कि आजकल pmt का रिजल्ट आया हुआ है; आपने
भी समाचारों में देखा होगा...किन्तु जब वही बच्चा बड़ा हो जाता है 24 वर्ष का तो वह
कहता कि मेरी सफलता का मेरी कड़ी मेहनत का फल है ...ऐसा क्यूँ ? उसके लिए अचानक पैमाने
क्यूँ बदल जाते हैं?
Me:
नहीं सर, सफलता केवल मेहनत का ही परिणाम नहीं है...
M2
: (बीच में टोकते हुए )ऐसा हो रहा है!! .... हमारे पास आंकड़े हैं ... समाज में ऐसे
बहुत से लोग होते हैं शायद आप भी जानती होंगी जो हमें किसी न किसी रूप में मदद
करते हैं.. हमारी सफलता में उनका बहुत बड़ा योगदान होता है.उनका नाम भी कोई नहीं
लेता.मेरी शुभकामनाएं हैं कि आप SDM बन जायें..आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देंगी ?
आपका सफलता के बारे में क्या सोचना है?
Me:
(थोडा रूककर..यह सोचने लगी कि ये महोदय क्या सुनना चाह रहे हैं...फिर मैंने वही कहा
जो मेरी सोच थी) सर, निश्चित रूप से किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे बहुत सारे लोगों
का हाथ होता है.उसमें छोटे से लेकर बड़े तक कई लोग शामिल होते हैं.जो की परिवार तथा
आस-पास के समाज से शामिल होते हैं. सर, मेरे लिए सफलता के मायने कोई प्रतियोगी
परीक्षा पास कर लेना भर नहीं है, सर सफलता के मायने हैं हम अपने जीवन को अच्छी तरह
जीने की कला जानते हैं या नहीं... विपरीत परिस्थितियों में भी कैसे सकारात्मक रहना
है.... हमारे जीवन का दूसरों पर क्या प्रभाव पड़ता है ..सर मुझे लगता है ये संस्कार
हमें अपने परिवार से तथा समाज के सकारात्मक व्यक्तियों से मिलते हैंइसलिए
सर मुझे लगता है कि व्यक्ति की सफलता या असफलता को किसी एक प्रतियोगिता परीक्षा
पास करने से नहीं आँका जा सकता है .... हाँ सर आर्थिक स्वावलंबन के लिए ये आवश्यक है.
(मैं सारे सदस्यों को एक बार देख रही थी कि कुछ गलत तो नहीं बोल रही हूँ ...परन्तु
किसी के चेहरे पर ऐसे भाव नहीं थे )
(M2
ने M3 की ओर इशारा किया जो की चेयरमैन और चेयरपर्सन के दांयी ओर तथा मेरे बायीं ओर
बैठे थे)
M3:
आप हमारे चार धामों के बारे में जानती होंगी ? उत्तराखंड के तथा बाकी भारत के एक रामेश्वरम
में है आप कैसे इन्हें देखती हैं ?(आधा
प्रश्न अच्छे से याद नहीं आ रहा है .....उनके पूछने का तात्पर्य था मेरा दृष्टिकोण)
Me:
सर चार धामों का भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व है. इनकी स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य
जी ने भारत की चार दिशाओं में की थी जिनमें से एक उत्तराखंड में बद्रीनाथ है. सर
मेरे विचार में चार धामों की स्थापना का उद्देश्य यह रहा होगा कि प्रत्येक व्यक्ति
अपने जीवन काल में पूरे भारत का भ्रमण कर ले तथा भारतीय संस्कृति का असली स्वरुप विविधता
में एकता के दर्शन कर ले ..... सर इसे धर्म से इसलिए जोड़ा गया होगा क्योंकि यह
व्यक्ति की नैतिकता को उच्च रखने में सहायता करता है.
M3
: अभी हाल ही में बात हो रही थी कि देहरादून में एक अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा बनना
चाहिए, आपको लगता है कि इससे पर्यटन में किसी तरह से मदद मिलेगी ?
Me:
जी सर, अवश्य मिलेगी इससे विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी साथ ही देशी पर्यटक भी
अधिक मात्र में आयेंगे.
M3:
अभी सड़कों के चौड़ीकरण की बात हो रही है, कुछ लोग मानते हैं इससे पर्यावरण को
नुकसान होगा... आपके पास ऐसा कोई उपाय है? जिससे पर्यावरण भी बचा रहे और सड़कें भी
चौड़ी हो जायें?
Me:
सर, हमारे पास अभी तक ऐसी तकनीक नहीं है और न ही इतना धन है की हम पर्यावरण को
बिना नुकसान पहुंचाए सड़क निर्माण कर सकें... सर मुझे लगता है इसका एक वैकल्पिक
तरीका हो सकता है... उत्तराखंड के पुराने निवासियों के कुछ परंपरागत मार्ग थे, जो
की landslide zone में भी नहीं आते हैं, उन रास्तों को सुधारा जा सकता है तथा one
way traffic की व्यवस्था की जा सकती है.
M3
: यह कहा जाता है की लोग धार्मिक स्थलों पर साफ़ सफाई बनाकर नहीं रख रहें हैं जैसे कि
पहले राखी जाती थी.क्या आप इससे सहमत हैं ?
Me:
जी सर, मुझे लगता है कि यह सच है. पहले लोग धार्मिक यात्राओं पर साफ़ सफाई को अधिक
महत्व देते थे.... सर मुझे याद है जब आज से लगभग 20 साल पहले मेरी नानी चार धाम
यात्रा पर गयी थीं तो उन्होंने इस बात का ख़ास ध्यान रखा था कि कौन सी वस्तुएं साथ
नहीं ले जानी हैं.... जैसे वो कपड़े का झोला,कपड़े के जूते लेकर गयीं थीं तथा खाने
पीने का सामान घर से बनाकर ले गयीं थी.शायद तब होटल वगैरह भी कम होते थे ... मुझे
वो तैयारी बहुत ख़ास लगी थी. सर, तब की तुलना में अब घूमने का चलन भी बढ़ा है.अतः
लोग इसे आम देशाटन की तरह लेते हैं.. जो लोग बाहर देशों में जाने के लिए आर्थिक
रूप से सक्षम नहीं हैं वे तीर्थ स्थलों का रुख करने लगे हैं. सर इन स्थलों में क्षमता
से अधिक पर्यटक आने की वजह से प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया है. लोग अपने साथ लाये
प्लास्टिक बैग वगैरह वहीँ छोड़ कर चले जाते हैं.
M3
: केदारनाथ में पिछले साल जो हुआ उसका कारण आप क्या मानती हैं ?Me:
सर,केदारनाथ आपदा के मेरी समझ से तीन कारण थे-पहला, वह एक संकरी घाटी है नमी से
भरे बादल उस घाटी में जाकर भारी वर्षा करने लगे जिसे बदल फटना कहते हैं.सर दूसरा
कारण था, वर्षा से चोराबाड़ी glaciar की
soft हिम की परत पिघल गयी तथा केदार घाटी के ढाल की ओर मलवा सहित बहने लगा. सर
तीसरा कारण था चोराबाड़ी झील से बहुत अधिक मात्रा में जल का बहाव... सर जैसा कि
हिमालय नवीन तथा निर्माणाधीन पर्वत हैं इसलिए इनकी चट्टानें काफी कमजोर हैं और पानी अपने साथ बहुत अधिक मात्रा
में मलुआ भी बहा कर लाया.सर,ये
तो प्राकृतिक कारण थे ...
M3:
(बीच में टोकते हुए बोले) तो मानवीय कारण क्या थे ?
Me:
सर, केदार घाटी मन्दाकिनी नदी बहाव क्षेत्र में बसी है. सर जिस स्थान पर
धर्मशालाएं तथा होटल आदि का निर्माण किया गया था वह नदी द्वारा जमा मलुआ था.सर इस
प्रकार अनियोजित निर्माण कार्य इस भयंकर त्रासदी का मुख्य कारण बना.
M4: उत्तराखंड में कितने प्रकार के पर्यटन हैं ?
Me:
सर, धार्मिक पर्यटन,आध्यात्मिक,औषधि तथा योग,साहसिक खेल,eco-tourism,प्राकृतिक
पर्यावर्णीय.
M4
: कोई उदाहारण?सर
सम्पूर्ण उत्तराखंड प्रारंभ से ही मानव के
लिए आकर्षण का केंद्र रहा है. यह असंख्य ऋषियों तथा मनीषियों की तपस्थली रहा है. सर,धार्मिक
पर्यटन; जैसे चारधाम यात्रा,सिख धर्म के
अनेक स्थल जैसे नानकमत्ता,रीठा साहिब,हेमकुंड आदि... इस्लाम का कलियर पिरान तथा
बौद्ध धर्म के तथा जैन धर्म के भी स्थल हैं. सर आध्यात्मिक पर्यटन, जो कि
विदेशीयों को अधिक आकर्षित करता है.. इसके अतिरिक्त साहसिक पर्यटन,राफ्टिंग, ट्रैकिंग,कायकिंग
इत्यादि ... सर कुछ पर्यटक scenic view देखने hill station भी आते हैं जैसे
नैनीताल,मसूरी,कौसानी..सर कुछ पर्यटक wildlife sencturi, national parks घूमने आते
हैं.
M4:
जंगली जानवर देखने कहा जायेंगे ?Me:
सर, यदि बाघ देखना है तो कोर्बेट नेशनल पार्कजायेंगे, कस्तूरी मृग देखना है तो अस्कोट,
हाथी देखने राजाजी नेशनल पार्क....
M4
: (बीच में टोकते हुए ) अच्छा ये बताइए उत्तराखंड कौनसी वनस्पति होती है ?
Me:
सर उत्तराखंड में शीतोष्ण,समशीतोष्ण तथा alpine प्रकार की वनस्पति होती है.
M4:
मुख्य वन कौन से हैं?
Me:
सर, मुख्य वन कोणधारी वन हैं.
M4:
उत्तराखंड की लकड़ियों की कीमत के अनुसार सबसे कीमती कौनसी हैं? आपके अपने
अनुसार... एक,दो,तीन नंबर दीजिये ?
Me:
ummmm....सर,....पहले नंबर पर .....
M4:
आप अपने हिसाब से बताइए आपकी नज़र में कौन सी लकड़ी नंबर एक होनी चाहिए?
Me:
(थोड़ा हल्का सा महसूस हुआ..मुझे सही क्रम पता नहीं था) सर, पहले नंबर पर देवदार,दुसरे
नंबर पर बांज और सर तीसरे नंबर पर चीड़.(मैंने ये क्रम इनके घटते जंगलों तथा लकड़ियों के प्रयोग के आधार पर दिया)
M4:
उत्तराखंड में बच्चों तथा माताओं के लिए चलने वाली दो योजनाओं के नाम बताइए ?
Me:
सर, जननी सुरक्षा योजना .....
M4
: यह केंद्र सरकार चला रही है. जो उत्तराखंड सरकार राज्य में चला रही है सिर्फ उस
योजना का नाम बताइए?
Me:
थोड़ा सोचकर...(दिमाग में नंदादेवी चल रहा था.पर नाम लेना उचित नहीं समझा... फिर गौरा
देवी आने लगा...मैं दोनों के प्रति आश्वस्त नहीं थी) सर, मुझे सही याद नहीं आ रहा
है.
M4:
चलिए कोई बात नहीं.
CH1:
आपकी hobbeis क्या हैं ?
Me:
मैडम, योग तथा बागवानी
CH1:
क्या-क्या लगाया है आपने अपने kichten garden में ?Me:
मैडम, सब्जियां,थोड़े फलों के पेड़ तथा औषधीय पौंधे ...
CH1:
औषधीय पौंधो का क्या करते हैं ?
Me:
मैडम,घरेलू उपचार में प्रयोग करती हूँ.(how? attitude से मेरी तरफ देखा) मैडम,
जैसे की मैंने निर्गुन्डी का पौंधा लगाया है,मैं इसके पत्तों का अर्क बनाकर रख
लेती हूँ जो की जोड़ों के दर्द में काम आता है इस तेल को अपने दादाजी के घुटनों में
लगा देती हूँ...मैडम, इसके पत्तों का रस ताजे घाव में लगाने पर प्राथमिक उपचार हो
जाता है.
CH1:
हमारे महामहिम राज्यपाल महोदय ने सिफारिश की है की हज यात्रियों की भांति ही हिन्दू
तीर्थ यात्रियों को भी यात्रा में सब्सिडी दी जाए. आप क्या समझती हैं ?दी जानी
चाहिए ?
Me:
मैडम, मुझे लगता है इससे राज्य पर अतिरिक्त राजस्व भार पड़ेगा ...
CH1:लेकिन
राज्यपाल महोदय ने कहा है ....आप हाँ या ना में अपना उत्तर बताईये?Me:
मैडम,एक निशचित आयु वर्ग के लिए ....
CH1:
वो एक अलग बात है आप बताइए की हिन्दू तीर्थ यात्रियों को सब्सिडी दी जानी चाहिए या
नहीं ?
Me:
मैडम,राज्यपाल महोदय ने कहा है तो निश्चित ही कुछ दूरदर्शिता के साथ तथा
सकारात्मकता से ही कहा होगा.. जहां तक मुझे लगता है राज्य की मुख्य आय का श्रोत धार्मिक
यात्रायें हैं...सब्सिडी एक निश्चित समय के लिए दी जाएगी तो लाभकारी रहेगी.
CH2:
अपने economics पढ़ी है? बजट किसे कहते हैं ?
Me:
सर, सरकार के साल भर के आय-व्यय के लेखे जोखे को बजट कहा जाता है.
CH2:
थोड़ी देर के लिए भूल जाइये की आप SDM हैं, मान लीजिये आप Finance minister हैं. हम
सब सदन के सदस्य हैं... आप बजट पेश कीजिये.. याद रखिये आपदा आई हुई है.
Me:
सर,आपदा आई हुई है इसलिए कोई नयी छूट नहीं दी जाएगी. आपदाग्रस्त क्षेत्र के लिए
विशेष राहत पैकेज दिया जायेगा.आपदा प्रभावित क्षेत्र का पुनर्स्थापन तथा पुनर्निर्माण
के लिए विशेष राशि दी जाएगी.
CH2:
पैसा आएगा कहाँ से?Me:
सर, थोड़ा बहुत tax लगाना पड़ेगा.
CH2:
जोर से हँसते हुए तब तो आप अगला चुनाव हार जायेंगी.(बांकी सारे सदस्य भी हंसने
लगे..मैं भी उनका साथ मुस्कराने लगी )
CH2:
आप किताबें पढ़ती होंगी ? कभी मुंशी प्रेमचंद्र को पढ़ा है ? वो आपको कैसे लेखक लगते
हैं?
Me:
जी सर, मैंने मुंशी प्रेमचन्द्र जी को पढ़ा है, उनकी लिखी कहानियां समकालीन ग्रामीण
जीवन की समस्याओं का चित्रण करती हैं..सर आज के समय में भी वे उतने ही प्रासंगिक
हैं..जितना कि स्वतंत्रता के पूर्व थे....सर,उन्हें पढ़ते हुए लगता है मानो कि वे
आज की ग्रामीण परीस्थिति से अवगत हों.
CH2:
अच्छा मान लीजिये आप किसी क्षेत्र की SDM हैं. और आप एक बेहद सफल अधिकारी मानी
जाती हैं. उस शहर में जुआखोरी,कालाबाजारी,शराब माफिया .... जैसा कि होता है आजकल ...
बड़े-बड़े बाहुबली सक्रीय हैं ..वहां एक विधायक भी हैं,जिनका इन सब लोगों को संरक्षण
प्राप्त है...क्योकि
आप एक सफल अधिकारी हैं इसलिए डीएम ने आपको इन सब लोगों को रोकने के लिए भेजा है.
ध्यान रखना है कोई अप्रिय घटना भी न हो. आप क्या करेंगी ?
Me:
सर, क्योकि मुझे डीएम साहब ने भेजा है... अतः मेरे पास कार्यवाही करने के लिए
पर्याप्त अधिकार भी होंगे.. कानून की पराशक्ति भी होगी ....
CH2:
हाँ विधायक और डीएम मुख्यमंत्री के खास आदमी हैं....
Me:
सर, मुझे डीएम ने आदेश दिया है अतः मेरी जवाबदेही डीएम के प्रति है. मैं सबसे पहले
जिले के एसएसपी की सहायता लुंगी तथा अपने बांकी स्टाफ की ... सर क्योंकि मुझे उनके
गैरकानूनी कार्यों के विरुद्ध कार्यवाही करनी है.इसलिए मुझे किसी प्रकार से डरने
की आवश्यकता नहीं है.
CH2:
तो आपका transfer हो जाएगा?(जोर से हंसते हुए )
ME:
कोई बात नहीं सर... नया जिला देखने को मिलेगा (मुस्कुराते
हुए)
CH2: thank आप जा सकती हैं.
Me: धन्यवाद सर!(सब सदस्यों को सर झुककर अभिवादन करते हुए आ गयी)
दोस्तों,ये मेरे pcs के
इंटरव्यू का नीजि अनुभव है;जो आप लोगों के साथ साझा किया है. शायद कुछ प्रश्न में
भूल भी गयी हूँ. मेरा इंटरव्यू कैसा रहा मुझसे बेहतर आप बता सकते हैं. हाँ, मैंने
इंटरव्यू पूरी निडरता और उत्साह के साथ दिया.
धन्यवाद
नंदिनी
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